blogid : 7629 postid : 1304324

कभी घर-घर पहुंचाता था सामान, खर्च के लिए चलाया ऑटो...ऐसे बन गया पायलट

Posted On: 3 Jan, 2017 Infotainment में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कहते हैं सपनों की उड़ान बहुत ऊंची होती है और अगर हौसला बुंलद हो, तो हर मुश्किल को पार करके आप अपने सपने तक पहुंच ही जाते हैं, ऐसी ही एक कहानी है एक मामूली से लड़के की जो खुद को आसमान में उड़ते हुए देखना चाहता था. एक चौकीदार का बेटा श्रीकांत पंटावने जो कभी ऑटो चलाता था आखिर कैसे बन गया एक पॉयलट? जानें उसके हौसले और जज्बे की कहानी.


cover


पिता थे चौकीदार

श्रीकांत के पिता नागपुर में एक मामूली से चौकीदार थे, ऐसे में जाहिर है कि घर में पैसों की दिक्कत थी, जिस वजह से श्रीकांत को बचपन से ही अपने कंधों पर घर की जिम्मेदारी लेनी पड़ी. जहां उसकी उम्र के बच्चे स्कूल जाते थे, वहीं श्रीकांत पैसे जोड़ने के लिए दिन-रात एक करता था.


pilot_



डिलीवरी बॉय का किया काम

श्रीकांत की पढ़ाई अधूरी थी, ऐसे में उसे अच्छी नौकरी नहीं मिली और उसने एक डिलीवरी बॉय की नौकरी कर ली. श्रीकांत एक बार एयरपोर्ट गया किसी पार्सल को पहुंचाने और वहां उसकी मुलाकात भारतीय वायु सेना के कैडेट से हुई, उसके बाद वहां पर एक चाय वाले ने उसे डीजीसीए के स्कॉलरशिप की जानकारी दी. ये जानकारी पाते ही श्रीकांत के सपनों पर लग गए.


shrikant-pantawane



Read: 62 खरब 14 अरब 64 करोड़ के बनना चाहते हैं मालिक तो यहां शुरू होंगे वारिस बनने के इंटरव्यू


शुरू कर दी स्कॉलरशिप की तैयारी

श्रीकांत ने पढ़ाई के साथ ऑटो चलाना शुरू कर दिया ताकि घर का खर्च चल सके. श्रीकांत एक बार फिर अपने सपने को जीने लगा और 12वीं की किताबों की मदद से उसने डीजीसीए स्कॉलरशिप की तैयारी शुरू कर दी. किस्मत ने साथ दिया और उसका दाखिला मध्य प्रदेश के फ्लाइट स्कूल में हो गया.


Shrikant



अंग्रेजी को नहीं बनने दी अपनी कमजोरी

‘ऑटो चलाने वाला श्रीकांत अंग्रेजी कैसे बोल पाता’ इस पर सोचने की बजाय उसने हार नहीं मानी और अपने दोस्तों और किताबों की मदद से उसने अंग्रेजी पर अपनी पकड़ बनाई. अंग्रेजी अच्छी हुई और श्रीकांत अच्छे नंबरों से पास हो गया. इसी के साथ उसे कमर्शियल पायलट लाइसेंस भी मिल गया. फिलहाल वो इंडिगो एयरलाइंस में बतौर पायलट नियुक्त किया गया है…Next


Read More:

इस तरह बनें एक बड़े बिजनेसमैन रामदेव, साईकिल पर घूम-घूमकर बेचते थे दवाई

पैसों के लिए दूसरों के झूठे बर्तन धोते थे चार्ली, ऐसे बनें कॉमेडी के किंग

मोदी पर बन रही है फिल्म, ये अभिनेता करेंगे मोदी का रोल

इस तरह बनें एक बड़े बिजनेसमैन रामदेव, साईकिल पर घूम-घूमकर बेचते थे दवाई
पैसों के लिए दूसरों के झूठे बर्तन धोते थे चार्ली, ऐसे बनें कॉमेडी के किंग
मोदी पर बन रही है फिल्म, ये अभिनेता करेंगे मोदी का रोल




Tags:                       

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran