blogid : 7629 postid : 1223747

ओलंपिक में मैडल जीतने के लिए ये सब करता है चीन, हैरान कर देगी तस्वीरें

Posted On: 6 Aug, 2016 Infotainment में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

चीन हर साल ओलंपिक में मैडल जितने वाली तालिका में हमेशा आगे रहता है. सोचा है ऐसा क्यों होता है? इसलिए नहीं कि वहां के लोगों को खेल से प्यार है बल्कि चीन सरकार का दबाव इतना ज्यादा होता है कि बचपन से ही लोग इसकी तैयारी में जुट जाते हैं.


chinesetraining


6 साल के बच्चे करते हैं कड़ी मेहनत

जरा सोचिए 6 साल के बच्चे में कितनी ताकत होगी, लेकिन चीन के स्कूलो में इन मासूमों से कड़ी मेहनत करवाई जाती है. वो घंटो प्रेक्टिस करते हैं और इस दौरान ना वह रो सकते हैं और ना ही आराम कर सकते हैं. आप तस्वीरों में उनकी लाचारी देख सकते हैं.


chinese


स्कूल तैयार करता है बच्चों को

आलंपिक में अपने देश को आगे ले जाने के लिए चीन बचपन से ही अपने बच्चों कौ तैयार करने लगता है और इसकी शुरुआत स्कूलों से ही हो जाती है. चीन के शिचाहै स्कूल में बच्चों से जिमनास्टिक्स, पुल्ल-अप्स और भी कई सारे स्पोर्टस की तैयारियां कराई जाती हैं.


chinese_training5d


Read: ओलंपिक में दिखाया कमाल, अब फुटपाथ पर बेच रहा है नकली ज्वैलरी


स्कूल के बाद 4 घंटे मेहनत करते हैं छात्र

शिचाहै स्कूल में क्लास खत्म करने के बाद बच्चे करीब 4 घंटे तक कड़ी मेहनत करते हैं. इस दौरना उन्हें सबसे ज्याद ट्रैनिंग जिमनास्टिक्स, टायक्वोंडो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और टेबल टेनिस में दी जाती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस स्कूल में एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती है.


chinese_training1


बच्चों के साथ किया जाता है शोषण

इस स्कूल में जब ब्रिटेन के चार बार ओलिंपिक विजेता सर मैथ्यू पिंसेंट गए तो उन्होंने कहा कि ‘वह हैरान थे कि कैसे मासूम बच्चों पर वहां के कोच कठोर हो रहे थे. महज 7 साल की लड़की दर्द से चीख रही थी वहीं एक लड़के का आधा शरीर काला पड़ गया था.’


training7


वैसे जिस तरह की तस्वीरें स्कूल की दिखाई गई हैं उसे देखकर तो यही लगता है कि वाकई वहां के बच्चे इस तरह की कठोर ट्रैनिंग से परेशान होंगे…Next


Read More:

इस प्रसिद्ध महिला एथलीट के शरीर में पुरुषों जैसे गुप्तांग, पोस्टमॉर्टम के बाद दुनिया ने जाना

अंडर12 टीम के लिए चुना गया ये 4 साल का बच्चा

भारत में है दुनिया का सबसे छोटा बॉडीबिल्डर



Tags:                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran