blogid : 7629 postid : 1133280

बनाने चले थे शौचालय, मिट्टी ने दे दिया ये कीमती तोहफा

Posted On: 20 Jan, 2016 Infotainment में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कहते हैं कि जिदंगी अनिश्चितताओं की कहानी है जिसमें कब क्या हो जाए, कहा नहीं जा सकता. वैसे देखा जाए तो इन अनिश्चितताओं का भी अपना ही अलग मजा है. क्योंकि कभी-कभी जिदंगी में ऐसे सुखद अनुभव देखने को मिलते हैं जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की होती. वहीं सिक्के का दूसरा पहलू ये भी है कि कुछ अनुभव ऐसे भी पेश आते हैं जिनसे हमारा मूड खराब हो जाता है. लेकिन कहीं न कहीं जिदंगी के विभिन्न घटनाएं सुखद है या दुखद, ये व्यक्ति विशेष के नजरिए पर भी निर्भर करता है. बहरहाल, ये तो बात हुई मिले-जुले अनुभवों की. लेकिन कुछ अचानक हुई सुखद घटनाएं भगवान द्वारा दिए गए गिफ्ट से कम नहीं लगती.


digging-a-hole

Read : जब कॉल सेंटर का शौचालय हुआ जाम, निकले कई किलो कंडोम!

ऐसा ही एक दिलचस्प गिफ्ट मिला छत्तीसगढ़ सिमगा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम धोबनी के कुछ लोगों को. दरअसल इस गांव में शौचालय बनाने के लिए कुछ लोगों द्वारा खुदाई की जा रही थी. कि तभी उनमें से खुदाई कर रहे हैं एक व्यक्ति को मिट्टी के अंदर कोई चमकती हुई चीज दिखाई दी. पहले तो इस व्यक्ति ने सोचा कि कोई धातु का टुकड़ा होगा लेकिन इसके बाद एक और वैसी ही चीज दिखाई दी. जब मिट्टी को हटाकर देखा गया तो वहां सोने के तीन दुर्लभ सिक्के मिले. जैसे ही मिट्टी में सिक्के मिलने की खबर गांव के दूसरे लोगों को पता चली, तो वहां लोगों का जमावड़ा लग गया. वहीं दूसरी ओर सिक्के मिलने की सूचना तुरंत ही प्रधान पाठक एवं शिक्षकों को दी गई. वहीं पुरातत्व विभाग ने धोबनी पहुंचकर सिक्कों का निरीक्षण किया तो पाया कि सिक्कों में गरूड़ की आकृति तथा शंख चक्र बना हुआ.



rare coin

Read : घर में शौचालय न होने के कारण कांग्रेस नेता का नामंकन हुआ रद्द

पुरातत्वविदों ने इन सिक्कों को 5वीं-6वीं शताब्दी का बताया है. ग्राम धोबनी सिमगा ब्लॉक के कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा का आश्रित ग्राम है. यहां के प्राइमरी स्कूल में शौचालय निर्माण के लिए गड्ढे की खुदाई में लगे भोलाराम एवं परसदास को सोने के सिक्के मिले. पुरातत्व विभाग के उपसंचालक जी. आर. भगत ने ग्राम धोबनी का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि भोलाराम से दो व परसदास से एक सोने के सिक्के प्राप्त हुए हैं. उनका कहना है कि सिक्के 5वीं-6वीं शताब्दी के हैं. सिक्के सिरभपुरी राजवंश के हैं. सिक्कों पर गरूड़ की आकृति तथा शंख चक्र बना हुआ है. पुरातत्व विभाग के संचालक राकेश चतुवेर्दी का इस मामले में कहना है कि धोबनी में मिले तीन सिक्कों से छत्तीसगढ़ के इतिहास संबंधी और भी जानकारियां मिल सकती हैं…Next

Read more :

ट्रेन में शौचालय प्रयोग करते समय खुला दरवाजा, रेलवे देगा 1.5 लाख जुर्माना

जिदां रहने के लिए मिट्टी खाने को मजबूर थी यह महिला खिलाड़ी

देवालय से ज्यादा शौचालय को प्राथमिकता देंगे मोदी जी !!

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sorav के द्वारा
January 21, 2016

all problem solution astrologer pt sorav kant ji 09915350045


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran