blogid : 7629 postid : 902364

शास्त्रों के अनुसार रात में ये 5 काम करने की है मनाही

Posted On: 9 Jun, 2015 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

आधुनिक जीवन में शास्त्रों में लिखी बातों को हू-ब-हू अपनना बेहद मुश्किल है. लेकिन अगर हम उनकी कुछ बातों को अपने जिंदगी में अपना सकें तो हमारी जिंदगी कुछ और खुशहाल हो सकती है. ये पांच बातें हैं जिन्हें शास्त्रों में रात में करने की मनाही है. जिन्हें हम अपने जीवन में असानी से अपना सकते हैं.


Wide-Awake-at-Night1


1. खुले बाल नहीं सोना चाहिए

शास्त्रों के अनुसार रात में लड़कियों के लिए बालों को खुला रखना नकारात्मक माना गया है. बाल खुले होने से सर के इर्द-गिर्द नकारात्मक उर्जा एकत्रित हो जाती है.


Read: कटे हुए सिर के बावजूद वो हर रात घोड़े पर सवार होकर आता है…


2.चौराहों पर नहीं जाना चाहिए


कहा जाता है कि चौराहों पर नकारात्मक उर्जा बनी रहती है और रात को तो यह उर्जा और भी बढ़ जाती है. इसलिए भूलकर भी रात को किसी चौराहे पर न जाएं.


3.बुरे चरित्र वाले व्यक्ति से दूर रहना चाहिए

रात में उन लोगों से मिलने से बचना चाहिए जिनकी छवि समाज में खराब है. इससे आपकी भी बदनामी हो सकती है.


Read: इंसान को भी जानवर बना देती है पूर्णमासी की रात, जानिए इस खौफनाक रात के पीछे छिपा रहस्य


image

4.श्मशान के आसपास नहीं जाना चाहिए
विष्णु पुराण में रात में श्मशान के आस-पास जाने से मना करता है.  इसका कारण यह है कि श्मशान भूमि के आस-पास नकारात्मक उर्जा अधिक सक्रिय रहती है. यह आपकी मानसिक स्थिति के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है.



5.इत्र या डियो लगाकर नहीं सोना चाहिए


कई लोग रात में नहा-धोकर इत्र वगैरा लगाकर बिस्तर पर जाते हैं. लेकिन शास्त्र कहते हैं कि रात में हाथ पांव और चेहरा धोकर ईश्वर का ध्यान करते हुए सोना चाहिए. इत्र लगाने से नकारात्मक उर्जा आपकी ओर आकर्षित हो सकती है. Next…


Read more:

बेजान खिलौने जब रात के अंधेरे में पीछा करते हैं तो सन्नाटा और भी खौफनाक हो जाता है, जानिए इस हॉंटेड द्वीप की हकीकत

पत्थर बन जाते हैं यहाँ प्रवेश करने वाले भक्त!

रात के सन्नाटे में यह रोशनी अपने लिए जगह तलाशने लगती है.



Tags:             

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dhawal bhondwe के द्वारा
April 4, 2016

surreptitiousness…. n nothing else… there is lo logic behind all these…

bivash ranjan के द्वारा
June 9, 2015

ye savi bate real me ho ta h dost


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran