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एक गलती ने मजबूर कर दिया एक आत्मा को भटकने के लिए, पढ़िए कैसे मरने के बाद एक औरत खुद अपना दर्द बयां करने लौट आई

Posted On: 21 Jul, 2014 Others में

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मरने के बाद इंसानी लोक में वापिस आने का सिलसिला तो सदियों से चलता आ रहा है. बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो अपनी किसी अधूरी इच्छा को पूरा करने के लिए मरने के बाद दोबारा इस दुनिया में आते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो अपनी मौत का बदला लेने या अपने परिजनों तक किसी संदेश को पहुंचाने के लिए जीवित लोगों की इस दुनिया का रुख करते हैं.


आज हम आपको एक ऐसी ही शख्सियत और उसके परिवार की हकीकत के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपनी सेल्फी के माध्यम से अपने परिवार तक कोई संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रही है. 34 वर्षीय गीना मिहाई का कहना है कि उसकी मृत दादी ने अपनी एक सेल्फी खींचकर उसे भेजी है, जिसमें उनके गले पर कुछ सांप जैसा लिपटा पड़ा है. गीना का कहना है कि जैसे ही उसने अपना फोन ऑन किया, उसे अपनी दादी की तस्वीर दिखाई दी. इस तस्वीर को चर्च के पादरी और कई भविष्य वक्ताओं को भी दिखाया गया जिनका कहना है कि गले पर सांप के बंधे होने का अर्थ है कि उन्हें उनके पिछले जन्म के पापों की सजा मिल रही है और वह काफी कष्ट में हैं.


ghost selfie

रोमानिया में रहने वाला गीना का परिवार और उनके आस-पड़ोस के लोग पीड़ित आत्मकी शांति और उन्हें कष्टों से मुक्ति दिलवाने के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं. क्योंकि पारलौकिक ताकतों पर रिसर्च करने वाले लोगों का कहना है कि जितना वह ईश्वर से प्रार्थना करेंगी उतनी ही जल्दी उनकी दादी की आत्मा को मुक्ति मिलेगी.


मरने के बाद वो फिर लौट आए….पढ़िए ऐसे लोगों की कहानी जिन्होंने मरने के बाद भी मौत को गले नहीं लगाया

आपको बता दें कि रोमानिया में साल में एक दिन सर्विस ऑफ आम्स के नाम से मृत लोगों की कब्र पर फीस्ट का आयोजन किया जाता है ताकि मरने के बाद उनके पूर्वजों की आत्माओं को खाने की कमी ना हो. लेकिन गीना का कहना है कि उनकी दादी को मरे हुए 3वर्ष हो गए हैं और अभी तक उन्होंने फीस्ट का आयोजन नहीं किया है.   इसलिए वह खाने का सामान बना रही थी कि अचानक उनके फोन पर दादी की रहस्यमय सेल्फी दिखने लगी.


ghost selfie

चर्च के पादरी ने उन्हें बताया कि वह अपनी दादी की आत्मा के लिए खाने की वस्तु नहीं लेकर जाती थी इसलिए उनकी आत्मा भटक रही है. तब से लेकर अब तक गीना हर रोज खाने का सामान लेकर दादी की कब्र पर जाती है, इस उम्मीद से कि शायद उसकी दादी को जल्द ही मौत के बाद मिलने वाली तकलीफों से छुटकारा मिलेगा.


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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

karamvir के द्वारा
August 13, 2014

nice

mohd.asif के द्वारा
July 22, 2014

Non muslim are always go jahannum to plz red kalima kk. Your dadi wil live always jahannum kk lailaha illallah Muhammadur rasullullah

    Imam Hussain Quadri के द्वारा
    July 22, 2014

    इस तरह की बात लिखना मन है और ग़लत है ऐसे शब्द दोबारा नहीं लिखें ये बिलकुल ग़लत है उमीद करता हूँ के मेरी बात आपके समझ में आ जाए .

    sadguruji के द्वारा
    July 22, 2014

    आदरणीय आसिर साहब ! आपने लिखा है कि जो लोग मुस्लिम नहीं हैं,वो जहन्नुम में जाते हैं ! मरने के बाद आदमी कहाँ जायेगा,ये तो जाने वाला ही जाने ! आप जरा आँख खोल के देखिये ! विश्व की अधिकतर मुस्लिम आबादी जीते जी ही जहन्नुम का दुःख भोग रहा है ! आप पहले उसकी चिता करें ! ऊपर वाले का शुक्र मनाये कि आप जन्नत से भी सुन्दर हमारे देश में रह रहे हैं ! उम्मीद है कि आप इस तरह के गैर जिम्मेदाराना कमेंट आगे से नहीं करेंगे !

    RAJAT RAJ GEHLOT के द्वारा
    July 23, 2014

    माफ़ कीजिएगा मोहद आसिफ . अगर बात जात पात की आती हे तो पहला नाम मुस्लिम समाज का ही क्यों आता है आज पता चल गया कुछ मुस्लिम ऐसे भी हे जो इंसानियत से ज्यादा धर्म को मानते हे. और कुछ मुस्लिम ऐसे भी हे जो धर्म से ज्यादा क़ुरआन के पन्नो में दर्ज़ हुए शब्दों को मानते हे. सच्चहि तो यह हे की वो मुस्लिम जो इंसानियत से ज्यादा धर्म को मानते हे वो इस्लाम के नाम पर धब्बा हे.धर्म अपनी अपनी आस्था हे. यह बात मानी जा सकती हे पर इंसानियत सबसे बड़ा धर्म हे यह अटल सत्य हे. मेरा यह कमेंट किसी जाती को नीचे दिखाने के लिए या मुस्लिम समाज को गलत करार करने के लिए नहीं हे. यह सिर्फ आपको सच्चाई बताने की लिए हे.

Bikash chandra Biswas के द्वारा
July 21, 2014

वोकवोे पाग बॉकबास हे

    shahzad के द्वारा
    July 26, 2014

    हेलो RAJAT RAJ गेहलोत ,सद्गुरुजी , ये सब पढ़लो ! क़ुरान की बात है क़ुरान 57.19 Allah our uskay rasool per jo emaan rakhtay hain wohi log apney rab kay nazdeek siddiq our shaheed hain unkay liye unka ajar our unka noor hai our jo log kufur kertay hain our humari aayaton ko jhutlatay hain woh jahannomi hain. 57.20 Khoob jaan rakho kay duniya ki zindagi sirf khel tamasha zeenat aur aapas main fakhar (o-ghuroor) our maal-o-olad main aik ka doosary say apney aap ko ziyadah batlana jaisay barish aur iss ki padawaar kisanon ko achi maloom hota hai phir job woh khushk hojati hai to zard rang main iss ko tum dejhtey ho phir woh bilkul choora choora hojatai hai our aakhirat main sakht azab aur Allah ke maghfirat our razamandi hai our duniya ki zundagi ba-juz dhokay kay saman kay our kuch bhi to nahi. 57.21 (Aao) doro apney rab ki maghfirat ki taraf our uss jannat ki taraf jiss ki wussat kay barabar hai yeh unkay liye banaee gaee hai jo Allah per aur uskay rasoolon per emaan rakhtay hain yeh Allah ka fazal hai jissay chahye dey aur Allah bara fazl wala hai. 57.22 Na koi museebat duniya main aati hai na (Khaas) tumhari jaanon main magar iss say pehlay kay hum usko peda keran woh aik khaas kitab main likhi hui hai yeh (kaam) Allah taalaa per (bilkul)aasan hai. 57.23 Takay tum apney say fol shuda kissi cheez per ranjeedah na hojaya kero our na attakerdah cheez per itra jao.aur itranay walay shekhi khoron ko Allah pasand nhifarmata.


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