blogid : 7629 postid : 596346

कलियुग का यह अवतार मानव रूप में नहीं है, जानना चाहेंगे आखिर कौन है वो?

Posted On: 14 Jun, 2014 Infotainment में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

भगवान के अवतारों की कहानियां हमारे धार्मिक ग्रंथों में बताई गई हैं. इन कहानियों की सच्चाई हम नहीं जानते लेकिन हमारा विश्वास है कि अलग-अलग कालों में भगवान ने अवतार लिया है. जब-जब मानवों को जरूरत पड़ी मानवता की रक्षा के लिए भगवान मानव रूप लेकर धरती पर अवतरित हुए. लेकिन कलयुग में भगवान के अवतारों की कोई अपएक्षा नहीं करता. मंदिरों में भगवान की पूजा करके ही हम खुश हो जाते हैं लेकिन इस वैज्ञानिक युग में अवतारों की कोई कल्पना नहीं कर सकता. और अगर कभी अवतार हुए भी तो क्या वह मानव रूप में होगा. शायद नहीं. इस बार भी अवतार की एक कहानी सामने आई लेकिन यह अवतार मानव रूप में न होकर जानवर स्वरूप में है.


Lord-Vishnu


दो वर्ष पहले की बात है. गुजरात के डाकोर में लोगों ने भगवान के अवतार को देखा लेकिन यह अवतार कोई इंसान नहीं था बल्कि एक कछुआ था. यह अनोखा लोगों के आकर्षण का केंद्र था. लोग इसकी एक झलक पाने के लिए उतावले हो रहे थे. तब स्थानीय लोगों का कहना था कि यह कछुआ कोई आम जानवर न होकर ईश्वर के अवतार के रूप में धरती पर आया है.

Read: एक साधारण से बालक ने शनि देव को अपाहिज बना दिया था, पढ़िए पुराणों में दर्ज एक अद्भुत सत्य

narayan

पर लोगों को कैसे पता कि यह अवतरित कछुआ है? क्या यह इंसानों की तरह बोल सकता है और लोगों को इसने खुद बताया कि यह भगवान का अवतार है? जी नहीं, इस कछुए में ऐसी कोई विशेषता नहीं है. दरअसल इस कछुए की पीठ पर एक आकृति बनी हुई है, जो गौर से देखने पर हिंदू धर्म के अनुसार विष्णु का रूप लगती है. इस कछुए को आखिरी बार गोमती नदी के किनारे पर देखा गया था. तब से गांव वाले इसकी तलाश में लगे हुए हैं.


Read: मिलिए दुनिया के सबसे मजाकिया ‘डैडी द ग्रेट’ से, आप सोच भी नहीं सकते कि ये कितने फनी हैं


यह कोई पहली बार नहीं है जब कछुए के रूप में भगवान के अवतार लेने की बात सामने आई हो. कुछ साल पहले भी भुवनेश्वर में एक ऐसे कछुए के होने की बात सामने आई थी जिसकी पीठ पर भगवान जगन्नाथ की आंखों जैसी आकृति थी. तब भी उसे भगवान विष्णु का अवतार माना जा रहा था. अब इन अवतारों के पीछे क्या सच्चाई है इस पर सोचना लोग जरूरी नहीं समझते क्योंकि जो लोग ऐसी घटनाओं को मात्र मनोरंजन के रूप में देखते हैं वह कभी भी इन्हें अवतार नहीं मानेंगे और जो लोग अवतार जैसी बातों पर विश्वास करते हैं वह अपनी आस्था को छोड़ेंगे नहीं. तो देखते रहिए हो सकता है कोई अवतार आपके आसपास भी नजर आ जाए.


Read more:

मौत के वो चार घंटे और फूलों का साथ, जानिए कैसे गार्डन के फूल बन गए एक ब्रेकिंग न्यूज का हिस्सा

जिन्दा लोगों को पत्थर बना दिया, जानिए कैसे बनी एक आर्टिस्ट की ये अद्भुत पेंटिंग



Tags:                         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 4.75 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ashok kumar के द्वारा
December 21, 2014

bhagwan dharti pr aa chuke hn …koii na pahchane isme usi ki bhul h kyonki bhagwan bhakt k liye aate h ..rakshso k liye nhi .. bhagwan ko pahchanane k liye bhakt ban na pdta h ..you tube me video dekhe shree shaktiputra maharaj ,


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran