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खतरे में है दुनिया, कौन है जो धरती पर तबाही की खातिर इंसानों से संपर्क साध रहा है

Posted On: 16 Apr, 2014 Infotainment में

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दूसरे ग्रह से आए प्राणियों का अस्तित्व हमेशा संदेह के घेरे में रहा है. कोई इस बात को स्वीकार करता है कि हां, पृथ्वी के अलावा अन्य ग्रहों पर भी जीवन है तो कोई यह मानता है कि एलियन की अवधारणा पूरी तरह मनगढंत किस्सों पर आधारित है. दूसरे ग्रह पर रहने वाले लोगों के विषय पर होने वाली इस बहस का अंत कई बार खोजा गया, कई बार ये प्रयास किए गए कि एलियन के रहस्यों से पर्दा उठाया जाए. लेकिन जितना इस विषय को खंगाला जाता है यह उतना ही अधिक गहराता जाता है. शोध बताते हैं कि पृथ्वी के अलावा मंगल ग्रह पर भी जीवन की संभावना है, यहां तक कि पृथ्वीवासी भी कई बार एलियन या उनके यान यूएफओ को देखे जाने जैसे दावे कर चुके हैं, और हाल ही में इंगलैंड के रहने वाले माइकल ने अपनी खींची गई तस्वीरों में यूएफओ को कैप्चर करने जैसा दावा किया है.


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उसके सामने आते ही लोग सब कुछ भूल जाते हैं


माइकल का कहना है कि जब वह कॉर्नवॉल के एक रिजॉर्ट में छुट्टियां मनाने गया था तब वहां उसे आसमान में एक तेज रोशनी दिखाई दी. पहले उसे लगा कि वो बादलों में से झांकते सूरज की झलक है लेकिन जब उसने उस रोशनी को अपने कैमरे में उतारा तो जो दिखा वो हैरान कर देने वाला था. माइकल के कैमरे में एलियन का यान छिपा था, जिस पर बैठकर शायद वो पृथ्वी के भ्रमण के लिए निकले थे.


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आपको बता दें कि कॉर्नवॉल कोस्ट लाइन पर यूएफओ कोई पहली बार नहीं दिखा है. यह स्थान हमेशा से ही पारलौकिक घटनाओं और यूएफओ के दिखने जैसी जगह के रूप में जाना जाता रहा है.



मिसीसिपी में भी एलियन के होने जैसी एक बेहद अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसमें एक हिरण के रूप में तेज रोशनी पड़ती दिखाई दी. लेकिन ये रोशनी कहां से और किस ओर से उस पर पड़ रही थी ये किसी को समझ नहीं आ रहा था. शायद यह वीडियो देखकर आप बेहतर समझ जाएं कि आखिर हम आपको समझाना क्या चाह रहे हैं:



YouTube Preview Image


यह पहली घटना नहीं है जब किसी ने एलियन के हवाई यान, जिसे पृथ्वी वाले यूएफओ कहते हैं, को देखने की बात की है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज से काफी साल पहले से ही एलियन के धरती पर आने के निशान दिखने लगे थे:


25 जनवरी, 1878 को डेली मेल में प्रकाशित एक खबर के अनुसार एक स्थानीय किसान ने अपने खेतों के ऊपर काले रंग की एक विशालकाय उड़न तश्तरी देखी थी जो बहुत तेज स्पीड में उड़ रही थी. सॉसर की तरह दिखने वाली इस उड़न तश्तरी को यूएफओ से पहले सॉसर के नाम से जाना जाता था.


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अप्रैल 1897 में हजारों अमेरिकियों ने आसमान में उड़न तश्तरी देखे जाने की बात कही थी.



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वर्ष 1926 में एक प्लेन के पायलट ने यह कहा था कि नेवादा के ऊपर से उड़ते हुए किसी पंखहीन, विशालकाय यान ने उन्हें कवर कर लिया था. जिसकी वजह से उन्हें आपातकालीन स्थिति में लैंड करना पड़ा.


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एक रूसी खोजी निकोलस ने यह कहा था कि 5 अगस्त, 1926 को तिब्बत के हम्बोल्ट पहाड़ों पर चढ़ते हुए उसने और उसके खोजी दस्ते ने कोई ऐसी चीज देखी थी जो बहुत बड़ी और सूरज की तरह चमकीली थी. आसमान में उड़ने वाली यह चीज बार-बार अपनी जगह बदल रही थी और देखते ही देखते आसमान में कहीं गायब हो गई.


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स्वीडन की मिलिट्री ने वर्ष 1946 में करीब 2,000 से अधिक ऐसी रिपोर्ट्स दायर की थी जिसमें लोगों ने ऐसे ही फ्लाइंग सॉसर के देखे जाने की बात कही थी. वहां इन्हें रशियन हेल और कभी घोस्ट रॉकेट के नाम से भी लोकप्रियता मिली थी.


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एलियन, मंगल वासी या दूसरे ग्रह से आए लोग, नाम चाहे कोई भी दे दिया जाए लेकिन एक बात सच है कि पृथ्वी पर समय-समय पर होने वाली इनकी आहट एक सवाल जरूर खड़ा करती है कि क्या वाकई जिन लोगों के करीब जाने के लिए हम इतनी मेहनत कर रहे हैं, वे लोग स्वयं अपने होने के निशान हमें दिखाने के लिए धरती पर उतरते हैं? क्या वे स्वयं धरती पर रहने वाले इंसानों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए यहां आते हैं या फिर उनका यहां आना किसी बड़े खतरे की आहट है.



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तो क्या एलियन का वेलकम करने के लिए तैयार हैं आप !!




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