blogid : 7629 postid : 725689

जब अकबर के जमाने में फ्रिज जैसी किसी चीज का नामोनिशान भी नहीं था तो कुल्फी जमाना मुमकिन कैसे हुआ

Posted On: 1 Apr, 2014 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

गर्मी के मौसम में ठंडी-ठंडी कुल्फी मिल जाए तो बात ही क्या है. केसर, पिस्ता, रबड़ी, मलाई….वाह-वाह हमारे तो लिखते-लिखते ही मुंह में पानी आ गया. यूं तो कुल्फी आप घर पर भी बड़ी ही आसानी से जमा सकते हैं लेकिन अब जब ये बाजारों में आम मिलने लगी है तो हम कहां इतनी मशक्कत करते हैं इसे बनाने में. अरे नहीं, नहीं हम यहां आपको घर में कुल्फी बनाने की आसान विधि जैसा कुछ नहीं बताने जा रहे हैं हम तो आपको कुल्फी के उद्भव से जुड़ी एक मजेदार कहानी का हिस्सा बनाने जा रहे हैं जिसे जानकर आपको यह एहसास हो जाएगा कि कुल्फी हमारे लिए कितनी जरूरी है. इसके टेस्ट से जब बादशाह अकबर खुद को बचाकर नहीं रख पाए तो हम क्या चीज हैं. कुल्फी और बादशाह अकबर के बीच का रिश्ता बताने से पहले हम आपको ये बता देते हैं कि कुल्फी मूलत: फारसी शब्द ‘क़ुल्फी’ से बना है जिसका अर्थ है ‘कोन के आकार का कप’, और देखिए कुल्फी का आकार भी तो कुछ कुछ ऐसा ही होता है.


akbar78



मेट्रो में यात्रा करने से पहले सावधान, कुछ इरिटेटिंग जंतु आपकी तलाश में घूम रहे हैं


बादशाह अकबर के दरबार में अबुल फ़जल नाम का एक जीवनीकार था जिसने अपनी रचना में कुल्फी के प्रति बादशाह की दिलचस्पी को बड़ी ही सहजता से उकेरा है. आज से करीब 500 साल पहले लिखी गई आइन-ए-अकबरी में कुल्फी बनाने की विधि को शामिल किया गया है. अब आप सोच रहे होंगे कि जब अकबर के जमाने में फ्रिज या फ्रिज जैसी किसी चीज का नामोनिशान भी नहीं था तो कुल्फी जमाना मुमकिन कैसे हुआ?


agra


तो चलिए रुबरू करवाते हैं हम आपको एक दिलचस्प और मजेदार कहानी से. आपको शायद ये नामुमकिन सा लगे लेकिन यह सच है कि अकबर के काल में कुल्फी जमाने के लिए हाथी, घोड़ों, नाव और पैदल सेना द्वारा करीब 500 मील दूर स्थित हिमालय पर्वत से सीधे बर्फ आगरा लाई जाती थी. रिले रेस का नाम तो आपने सुना ही होगा, बस ऐसे ही यह बर्फ हिमालय की बर्फीली चोटियों से आगरा के महल तक पहुंचाई जाती थी. हर 18 मील के अंतराल पर बादशाह अकबर के आदेशानुसार घुड़सवार सैन्य टुकड़ी को तैनात किया गया था जिसका काम हिमालय से आगरा तक बर्फ पहुंचाना था. करीब 30-40 दस्तों की सहायता से आगरा तक बर्फ पहुंचाई जाती थी जहां उसे पिघलने से बचाने के लिए संरक्षण गृह बनाया गया था.


himalaya



इतना ही नहीं अगर आप ये सोचते हैं कि केमिकल का प्रयोग करना आज की जनरेशन की उपज है तो हम आपको बता दें कि कभी-कभी बर्फ जमाने के लिए सॉल्टपीटर नाम के केमिकल का भी प्रयोग किया जाता था. सॉल्टपीटर एक ऐसा केमिकल है जिसे अगर पर्याप्त मात्रा में पानी में मिलाया जाए तो यह पानी को जमा देता है.


akbar



मूलत: बर्फ जमाने की इस तकनीक को शर्बत जैसे गर्मी के लिए उपयोगी पेय पदार्थों को ठंडा करने के लिए विकसित किया गया था लेकिन जल्द ही इसका उपयोग बादशाह अकबर की बेगमों और स्वयं उनके लिए कुल्फी जमाने के लिए किया जाने लगा. देखते ही देखते अकबर काल की यह सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई और साथ ही दुनिया को एक स्वादिष्ट डिजर्ट भी मिल गई.


क्या पता आपके घर में भी वो अपना आशियाना तलाश रहे हों!!

आदमी की दाढी में नूडल और कोल्ड ड्रिंक

पागलों की कमी नहीं है दुनिया में




Tags:                 

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

5 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bhawana के द्वारा
November 19, 2014

vaah kya bat hai

Rakesh Gupta के द्वारा
July 18, 2014

I have studied that saltpeter is founded in sea and used for making iodised salt or iodine…….

Maniya rohit के द्वारा
April 2, 2014

Nice


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran