blogid : 7629 postid : 1330

कैदियों का वहम है या वाकई अफजल की रूह है वो...

Posted On: 6 Mar, 2013 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बिना उसे बताए उसकी फांसी का दिन मुकर्रर कर दिया गया. जब उसे उस मौत के तख्ते की ओर ले जा रहे थे तब उसके चेहरे पर डर और जीने की इच्छा दिखाई दे रही थी लेकिन उसकी नियति को कुछ और ही मंजूर था और वही हुआ जो होना था या कहे जो होना चाहिए था. उसे सजा मिली वो भी मौत की और अब उसकी आत्मा अपनी मौत का बदला लेने के लिए भटक रही है.


Read - क्या है श्रापित कोहिनूर का राज ?


“एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़, जिसमें संसद हमले के दोषी कश्मीरी जेहादी अफजल गुरू को फांसी के तख्ते पर लटका दिया गया, लेकिन अब वह मरने के बाद वापिस आ गया है.” यह हम नहीं बल्कि अफजल के साथ रहे तिहाड़ जेल के अन्य कैदी कह रहे हैं जिन्हें आजकल अपने आसपास अफजल के होने का एहसास होता है.


Read - आखिर क्या थी सलीम और अनारकली की अधूरी प्रेम कहानी की हकीकत


अब इसे उन कैदियों के भीतर छिपा डर कह लें, अंधविश्वास या फिर वाकई भटकती आत्मा का कहर लेकिन जेल की चारदीवारी के पीछे कुछ तो है जो लोगों को चैन की सांस नहीं लेने दे रहा. जब-जब वह उस कोठरी को देखते हैं जिसमें अफजल को बंदी बनाकर रखा गया था तो उन्हें वहां उसके होने का एहसास अभी भी होता है.



तिहाड़ से जुड़े लोगों का कहना है कि कैदी वैसे तो एक-दूसरे को तसल्ली देते रहते हैं लेकिन अंदर ही अंदर उन पर भी अफजल की रूह की दहशत घर किए हुए है. उन्हें डर लगता है कि कहीं अफजल अपनी मौत का बदला उनसे ना ले ले.


Read - आखिर क्यों इस नदी का शोर सुनाई नहीं देता


तिहाड़ के कैदी रात के समय अगर अपने कोठरी से बाहर आते हैं तो उन्हें अफजल के साये की आहट महसूस होती है. एक ऐसी रूह जो मरने के बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ रही है.



उल्लेखनीय बात तो यह है कि तिहाड़ के कैदियों ने जेल प्रशासन को भी यह बात बताई है कि उन्हें अफजल की भटकती रूह से डर लगता है लेकिन जैसा कि आप और हम सभी जानते हैं कि जब तक साक्ष्य ना मिले तब तक इन बातों पर यकीन नहीं किया जा सकता इसीलिए जेल प्रशासन ऐसी किसी भी बात पर यकीन नहीं कर रहा है.


Read - ऐसा मंदिर जहां सिर्फ सोना बिखरा है !!

बैरक नंबर 3 जिसमें अफजल को एक लंबी अवधि के लिए बंद कर रखा गया था, उस बैरक के कैदी पूरी रात बस भगवान का नाम लेते-लेते ही गुजारते हैं. उन्हें डर लगता है कि कहीं अफजल उनके सामने ना आ जाए.



कैदियों का डर यह बात सोच-सोच के और ज्यादा बढ़ जाता है कि उन्हें या अफजल दोनों को ही 8 फरवरी की रात तक यह नहीं पता था कि अगली सुबह संसद पर हमले के अपराध में अफजल को फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा. ऐसे में कहीं मरने के बाद अफजल की आत्मा असमय मृत्यु मिलने के कारण तिहाड़ कैंपस में भटक रही हो तो निश्चित है इससे कैदियों को घबराहट होगी.


Read - आज भी उस घर में कोई रोता है…..!!


सूत्रों का तो यह भी कहना कि तिहाड़ कैदी आजकल एक-दूसरे से किसी और चीज पर बात नहीं करते बल्कि वह सिर्फ और सिर्फ अफजल की मौत और उसकी भटकती रूह से जुड़े अपने अनुभव ही साझा करते हैं. पहले तो लोग इसे वहम और बेवजह की बात करार देते थे अब हालत यह है कि उन्हें भी अफजल के होने का एहसास होता है और कभी कभार उसकी आवाज तक सुनाई देती है. पहले तो यह डर था लेकिन धीरे-धीरे अब यह दहशत का रूप ले चुका है.



हालांकि जेल प्रशासन की मानें तो अफजल गुरू को पूरी रीति-रिवाज के साथ दफन किया गया था इसीलिए यह मुमकिन ही नहीं है कि अफजल की आत्मा भटक रही हो.

Read

क्या सच में वह एक रुह से प्रेम कर बैठा था….

आखिर क्या राज है इस भूख के पीछे ….!!

मरे हुए लोगों की शांति भंग की तो….!!!


Tags: afzal ghost, afzal guru ghost, afzal phansi, kashmiri jehadi afzal guru, tihar jail, अफजल गुरू की फांसी, अफजल गुरू, कश्मीरी जेहादी






Tags:                 

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 1.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

मंत्रा के द्वारा
March 6, 2013

बकवास…ऐसा हो ही नहीं सकता


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran