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संभल जाइए, माया कैलेंडर की तारीखें खत्म हो रही हैं !!!

Posted On: 19 Dec, 2012 Others में

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201221 दिसंबर, प्रलय का दिन बहुत ही जल्द दस्तक देने वाला है. माया कैलेंडर के अनुसार तारीख और दिन तय किए जाते हैं लेकिन इस कैलेंडर में 21 दिसंबर, 2012 के बाद की कोई तारीख उल्लिखित नहीं है. तो क्या इसका मतलब यही है कि अब दुनिया का अंत करीब है? क्या वाकई 21 दिसंबर के दिन कुछ ऐसा होगा जिससे पूरी दुनिया तहस-नहस हो जाएगी?

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लेकिन अगर वैज्ञानिकों की मानें तो इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि 21 दिसंबर को दुनिया समाप्त हो जाएगी. माया कैलेंडर के अनुसार जल्द ही दस्तक देने वाली तारीख 21 दिसंबर को दुनिया समाप्त हो जाएगी लेकिन नासा के वैज्ञानिकों ने इस भविष्यवाणी को पूरी तरह नकारकर यह कहा है कि यह मात्र अफवाह है क्योंकि इतनी जल्दी दुनिया समाप्त हो जाएगी, ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला है.


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मगर माया कैलेंडर के जानकारों का कहना है कि 21 दिसंबर, 2012 को एक ग्रह पृथ्वी से टकराएगा जिससे सारी दुनिया तबाह हो जाएगी. हालांकि अभी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है लेकिन दुनियाभर में डर का माहौल बना हुआ है.


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क्या है माया सभ्यता ?

अमेरिका की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक माया सभ्यता को इस प्रलय या महाविनाश के पीछे का मुख्य कारण माना जा रहा था. यह 300 से लेकर 900 ई के बीच मैक्सिको, पश्चिमी होंडूरास और अल सल्वाडोर के बीच चली आ रही पुरानी सभ्यता रही है. इसी सभ्यता के अनुसार दुनियाभर के कैलेंडर चले आ रहे हैं लेकिन इसमें 21 दिसंबर के बाद की किसी भी तारीख का जिक्र नहीं है, जिसकी वजह से माना जा रहा था कि इस दिन पूरी दुनिया समाप्त हो जाएगी. यह कैलेंडर इतना सटीक है कि आज के सुपर कंप्यूटर भी उसकी गणनाओं में सिर्फ 0.06 तक का ही फर्क निकाल सके हैं.


दरअसल माया सभ्यता द्वारा बनाया गया कैलेंडर 5 चरणों में विभाजित है. इसके एक चरण में हजारों सालों की तारीखें समाहित हैं और पांचवें चरण की आखिरी तारीख है 21 दिसंबर, 2012. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो माया कैलेंडर खत्म हो रहा है जिसका अर्थ यह है कि दुनिया का आखिरी दिन 21 दिसंबर, 2012 है.


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नास्त्रेदमस और माया सभ्यता द्वारा की गई भविष्यवाणी को आधार बताकर पिछले काफी समय से दुनिया का अंत होने जैसी बातें की जा रही हैं, वहीं ग्वाटेमाला के जंगलों में मिले माया सभ्यता से जुड़े एक अज्ञात संस्करण में यह भी खुलासा हुआ है कि मानव सभ्यता की दुहाई देकर जहां इस वर्ष दुनिया का अंत होने की भविष्यवाणियां की जा रही थीं, वहीं ग्वाटेमाला के जंगलों में मिले माया कैलेंडर के एक अज्ञात संस्करण से खुलासा हुआ है कि अगले कई अरब वर्षों तक पृथ्वी पर मानव सभ्यता के अंत को समाप्त कर देने वाली कोई प्रलय या आपदा नहीं आएगी.


नासा के शीर्ष वैज्ञानिकों का भी यही कहना है कि 21 दिसंबर, 2012 को किसी भी तरह से कुछ ऐसा नहीं होगा जो मानव का विनाश कर देने वाला होगा. अपनी वेबसाइट में भी नासा ने यही कहा है कि पिछले चार अरब सालों से भी अधिक समय से पृथ्वी जस की तस सक्रिय है और आगे भी वैज्ञानिकों को किसी भी खतरे की कोई जानकारी नहीं है. वैज्ञानिकों ने बताया है कि समुर सभ्यता के समय खोजे गए एक संभावित ग्रह निबिरु के पृथ्वी से टकरा जाने की अफवाह के कारण इस खबर को बल मिला कि 2012 में पृथ्वी का विनाश होगा लेकिन यह सब कोरी अफवाह है.

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Tags : 21 december 2012, 2012, day of judgement, end of earth, maya calendar, maya civilization, maya civilization and their findings, NASA, 21दिसंबर 2012



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ravinder Mittal के द्वारा
December 19, 2012

दुनिया खत्म होने के कगार पर बहुत शोध के बाद अब कहा जा रहा है की 21 दिसम्बर 2012 को “माया सभ्यता कैलंडर”के अनुसार दुनिया खत्म नहीं होगी। नासा ने भी पुष्टि की है की 21 दिसम्बर 2012 को दुनिया खत्म नहीं होगी।बहुत से देशों की सरकारों ने भी लोगो से कहा है की डरें नही और दुनिया खत्म नही होगी। लेकिन फिर भी यह सत्य है की दुनिया खत्म होने के कगार पर है।चिड़ियों,चिल्लों,गिद्दों,और अन्य पक्षियों और जानवरों को हम सबने शहर गाँव घर जंगल से खत्म होते अपनी आँखों से देखा है तो इन्सान क्यों नही खत्म हो सकता| प्रतिदिन की जीवनशैली से मूल्यों और असूलों का विलुप्त हो जाना,प्रकृति का अत्याधिक शोषण,वातावरण का प्रदूषित हो जाना,प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि,ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते लगातार दुनिया के ग्लैशियर पिघल रहे हैं और जलवायु परिवर्तन हो रहा है। कहीं सुनामी तो कहीं भूकंप और कहीं तूफान का कहर जारी है। जापान में आई सुनामी ने दुनिया को प्रलय की तस्वीर दिखा दी। इतिहास दर्शाता है कि ऐसी कई सुनामियां, भूकंप, अति जलवृष्टि और ज्वालामुखियों ने कई बार दुनिया में प्रलय तांडव किया है।विज्ञानं का दुरूपयोग,अत्याचार पापाचार का बोलबोला,घातक शस्त्रों की सेज पर बैठी दुनिया इस बात का द्योतक है की चाहे दुनिया 21 दिसम्बर 2012 को खत्म ना हो पर शीघ्र ही खत्म होने के कगार पर है।जानलेवा कैंसर जैसी घातक बिमारियों में वृद्धि और इन सबसे ऊपर इन्सान में विलुप्त होती संवदेनशीलता इस दुनिया को जल्दी ही रसातल में पहुंचा देगी।दुनिया खत्म हो जाएगी इस बात से हम डर तो रहे हैं पर इसे बचाने का सकारत्मक प्रयास नही कर रहे है। आर एम मित्तल रिटायर्ड मुख्य प्रबन्धक राष्ट्रीयकृत बैंक मोहाली


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