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मां ने गीत गाया और टल गई बच्ची की मौत !!

Posted On: 22 Jun, 2012 Others में

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मजाक में ही सही आपने कई बार लोगों को यह कहते सुना होगा कि इसका गाना सुनकर तो मुर्दा भी अपनी कब्र छोड़कर बाहर आ जाए. वैसे यह बात बहुत बेसुरा और बुरा गाने वाले के लिए कही जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं बुरा ही सही लेकिन अगर किसी व्यक्ति के कानों में उसका फेवरेट संगीत सुनाई पड़े तो वह किसी ना किसी तरह उस पर अपनी प्रतिक्रिया देता ही है. इतना ही नहीं अगर उस गाने से आपकी कुछ पुरानी या विशेष यादें जुड़ी हों तो वह और अधिक प्रभावी हो जाता है.


21_06_2012-21junhatkeहो सकता है आप इसे मजाक समझें लेकिन हाल ही की एक घटना आपको इस बात पर विश्वास करने के लिए विवश कर देगी कि संगीत का काम केवल आपका मूड ठीक करना या आपको तनाव मुक्त रखना ही नहीं बल्कि वह कभी-कभार आपके अचेतन मन और बेजान शरीर में जान भर आपको दोबारा जीवन भी प्रदान करता है.


तानसेन जब गाते थे तो उनके सुर से दीप जल जाते थे लेकिन लंदन (London) में रहने वाली एक मां ने जब अपनी बेटी के लिए गाना गाया तो ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) के बाद कोमा में चली गई उनकी बच्ची पूरी तरह ठीक हो गई.


लंदन में रहने वाली सात वर्षीय शैरलॉट नेवे ने जब अपनी मां के मुंह से वह गाना सुना जो वह दोनों अकसर गुनगुनाया करती थीं तो हफ्ते भर कोमा में रहने के बाद अचानक उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई और कुछ ही समय के अंदर उसके शरीर में भी हलचल शुरू हो गई.


उल्लेखनीय है कि लंकाशायर (लंदन)  की रहने वाली शैरलॉट के मस्तिष्क को अत्याधिक क्षति पहुंचने के बाद वह कुछ भी देखने या बोल पाने में पूरी तरह असमर्थ हो गई थी. ब्रिटिश समाचार पत्र द सन में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार शैरलॉट के मस्तिष्क में होने वाले रक्तस्त्राव को रोकने के लिए उसका दो बार ऑपरेशन किया गया परंतु ऑपरेशन के दौरान वह कोमा में चली गई. चिकित्सकों ने उसकी मां लीला से यहां तक कह दिया था कि अब उसकी बेटी के बचने की कोई उम्मीद नहीं है.


जब लीला अपनी बेटी से मिलने अस्पताल पहुंची तो रेडियो (Radio) पर वह गाना बज रहा था जो वह मां-बेटी अकसर गाया करती थीं. बस लीला भावुक हो गई और अपनी बेटी के लिए वह गाना गुनगुगाने लगी. जैसे ही लीला ने वह गाना शुरू किया तब एक ऐसा करिश्मा हुआ जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं थी. कमरे में मौजूद लोगों ने शैरलॉट के चेहरे पर मुस्कुराहट देखी और उसके हाथ भी हिलने लगे. काफी समय से बोलने और सुनने में असमर्थ शैरलॉट अब ठीक भी होने लगी है.


अपनी बेटी शैरलॉट की बिगड़ी हुई हालत के विषय में बताते हुए लीला कहती है कि जब वह अपनी दोनों बेटियों के साथ फिल्म देख रही थी तो उसी समय शैरलॉट को अचानक अटैक (Attack) पड़ गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा. जिसके बाद वह कोमा में चली गई थी.

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