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बेटे के अंतिम संस्कार के समय क्यों नाचने लगा पूरा परिवार !!

Posted On: 4 Jun, 2012 Others में

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हम सभी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इंसानी शरीर नश्वर है और एक ना एक दिन उसे नष्ट होना ही होता है. लेकिन नष्ट होने से पहले उस शरीर में कुछ इच्छाएं शेष रह जाती हैं तो वह मरने के बाद भी अपनी उन इच्छाओं को पूरा करने आते हैं. शरीर तो नष्ट हो जाता है लेकिन आत्मा नहीं मरती और जो लोग अधूरी इच्छाओं के साथ मरते हैं उनकी अत्माएं इंसानी दुनिया को छोड़कर नहीं जा पातीं.


वैसे तो हम सभी जानते हैं कि एक बार शरीर त्यागने के बाद कोई व्यक्ति वापस जीवित नहीं हो सकता लेकिन मिस्र में हुई एक घटना आपको इस बारे में दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर सकती है.



happyयह वाकया एक व्यक्ति के मरने और उसके अंतिम संस्कार के समय एकाएक जीवित हो उठने का है. उल्लेखनीय है कि लक्जर (मिस्र) के पास स्थित नागा अल सिम्मन में रहने वाले 28 वर्षीय हामिद हाफेक्स अल नुब्दी की मृत्यु के बाद उसके परिवार वाले उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए तैयार कर रहे थे. पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ था और हर तरफ रोने की आवाजें आ रही थीं. आखिर जवान बच्चे को खोना भी किसी सदमे से कम नहीं होता है माता-पिता के लिए. लेकिन जब हामिद का मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करने के लिए डॉक्टर को बुलाया गया तो एक बेहद अजीब चीज घटित हुई. कुछ घंटों पहले जिस व्यक्ति को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था वह अचानक जीवित हो गया. मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले डॉक्टर ने जब यह महसूस किया कि हामिद का शरीर तो अभी भी सामान्य रूप से गर्म है तो उन्होंने कहा कि हामिद तो मरा ही नहीं है. वह बस बेहोश है.


डॉक्टर के मुख से यह बात सुनकर हामिद का पूरा परिवार खुशी से नाचने लगा तथा हामिद को किसी अन्य डॉक्टर के पास ले गया और उसके अंतिम संस्कार को रद्द कर उसके फिर से जीवित होने का जश्न मनाया.


अब इसे आप डॉक्टर की भूल कहेंगे या ईश्वरीय चमत्कार यह तो आप पर ही निर्भर करता है.




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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dk के द्वारा
December 15, 2012

hoi hai vahi jo ram rachi rakha, kahe tark badhave sakha.

    Jeet Singh के द्वारा
    June 21, 2014

    doctor log kabhi galat nahi hote hai. abhi us ladke ka dharti mein or jina tha. ishi ke liye. bhagwaan ne bhi use niche bhej diya…..

SATYA SHEEL AGRAWAL के द्वारा
June 5, 2012

यह सिर्फ डॉक्टरी भूल है इसके आलावा कुछ नहीं परन्तु जो लोग अन्धविश्वासी हैं उनसे बहस करना बेमानी है

sandeep के द्वारा
June 4, 2012

मौत के समय अगर कोई इंसान जी उठे तो उसके परिवार वालों की खुशी वाकई देखने लायक होती है और यह तो एक बच्चे की जी उठने की कहानी थी इसपरतो उसके घरवालों ने भगवान को हजारों बार शुक्रिया किया होगा.


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