blogid : 7629 postid : 903

फिर दिखा दहकती आंखों और भयावह चेहरे वाला हिम मानव !!

Posted On 10 May, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कभी-कभार हमारे आसपास कुछ ऐसी घटनाएं घट जाती हैं जिन पर किसी अन्य व्यक्ति के लिए विश्वास करना बेहद कठिन हो जाता है. हम चाहे कितना ही उन्हें समझाने की कोशिश करें लेकिन वह कभी उन घटनाओं, जिन्हें हम पारलौकिक भी कह सकते हैं, पर विश्वास नहीं करेंगे जिन्हें सिर्फ हमने अनुभव किया है. आप अकेले कहीं जा रहे हैं और आपके साथ कोई अजीबोगरीब वाकया, जिस पर आप स्वयं यकीन नहीं कर पा रहे हैं, घट जाता है, वापस आकर आप अपने दोस्तों या संबंधियों को कैसे उस घटना पर विश्वास करने के लिए मना सकते हैं.


yetiहिम मानव, जिन्हें येति भी कहा जाता है, ऐसी ही एक पहेली है जिसे जितना सुलझाने की कोशिश की जाए यह उतनी ही उलझती जाती है. हिमालय की बर्फीली पहाड़ियों पर अकसर हिम मानव को देखे जाने की अफवाहें उड़ती आई हैं लेकिन इनके पीछे कितनी सच्चाई है यह आज तक कोई भी समझ नहीं पाया.

खूंखार विरप्पन डाकू नहीं रॉबिनहुड था


वर्ष 1972 में ऐसी ही घटना घटी जिसने हिम मानव के अस्तित्व की तलाश कर रहे विशेषज्ञों को और अधिक प्रेरित किया. नुकीले दांतों, विकराल चेहरा, लंबे हाथों और गहरे भूले बालों से ढके विशालकाय मानव शरीर सरीखी संरचना वाले यह हिम मानव, बहुत ही कम समय के लिए लोगों को दिखाई देते हैं. 1972 में भी जब एक अभियान दल हिमालय की पहाड़ियों पर हिम मानव की खोज के लिए गया तो उन्हें यह आकृति नजर तो आई लेकिन पलक झपकते ही वह कहां चली गई किसी को समझ नहीं आया. वह विशालकाय मानव आकृति जिसे कभी बड़ा और खतरनाक जानवर समझने की भूल की जाती है इतनी तेजी से अदृश्य हो जाती है कि कोई उनके ठिकाने का पता तक नहीं लगा पाता.


भारत सहित नेपाल और तिब्बत के दुर्गम-निर्जन क्षेत्रों में सैकड़ों वर्षों से लोग इन्हें देखते आ रहे हैं, लेकिन यह हिम मानव इंसानी दुनियां और उनके पहुंच से बहुत दूर हैं. जिस किसी ने भी हिम मानव को देखा है वह यही कहते हैं कि इनके शरीर पर बड़े-बड़े भूरे बाल हैं. इनकी आंखें गहरी लाल रंग की होती हैं. चेहरा भी इतना भयानक होता है कि देखने वाले के होश उड़ जाते हैं.


इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो हिम मानव के बारे में सबसे पहले 1832 में पता चला. बंगाल के एशियाटिक सोसाइटी के जर्नल में एक पर्वतारोही बी.एच. होजसन ने हिम मानव से जुड़े ठोस दावे किए थे. होजसन के अनुसार जब वह उत्तरी नेपाल के पहाड़ी इलाकों पर ट्रैकिंग कर रहे थे तो उनके स्थानीय गाइड ने इस विशालकाय आकृति को देखने का दावा किया. वह बिलकुल इंसान की तरह चल रहा था. होजसन ने ही इस हिम मानव को येति का नाम दिया.


इतना समय बीत जाने के बाद हजारों अभियान चलाए गए लेकिन कोई भी अभी तक हिम मानव के अस्तित्व पर लगे प्रश्न चिन्ह को सुलझा नहीं पाया है.

कुछ बेहद मजेदार लेकिन अद्भुत तथ्य




Tags:                                                         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Girish Kumar Saha के द्वारा
May 12, 2012

ये महज एक कोरी कल्पना भर हीं है.


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran